Palitana 5 Chaityavandan In Hindi _top_ Full May 2026

शांति जिनेश्वर सोलमा, अचिरा सुत वंदो;विश्वसेन कुल नभोमणी, भविजन सुख कंदो।मृग लांछन जिन आयुखूं, लाख वरस प्रमाण;हत्थिनापुर नगरी धणी, प्रभुजी गुण मणिखाण।

- द्वितीय चैत्यवंदन palitana 5 chaityavandan in hindi full

गिरिराज पर चढ़ते हुए शांति के प्रदाता का ध्यान और वंदन किया जाता है। चैत्यवंदन मूल पाठ: शांति जिनेश्वर सोलमा

एह गिरि ऊपर आदिदेव, प्रभु प्रतिमा वंदो;रायण हेठे पादुका, पूजीने आनंदो।एह गिरि नी महिमा अनंत, कुण करे वखाण;चैत्री पूनमने दिने, तेह अधिको जाण।एह तीर्थ सेवों सदा, आणी भक्तिधार;श्री शत्रुंजय सुखदायको, दान विजय जयकार। अचिरा सुत वंदो

यह अंतिम और मुख्य चैत्यवंदन है जो मुख्य जिनालय में विराजमान के चरणों में समर्पित होता है। चैत्यवंदन मूल पाठ:

२. श्री शांतिनाथ भगवान चैत्यवंदन (Second Chaityavandan of Shree Shantinath)

पालीताना चैत्यवंदन विधि के मुख्य नियम (Key Rules of Chaityavandan)